04 Dec 2025
पटना जिले के सभी निजी स्कूलों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत अनिवार्य रूप से 10-10 अलाभार्थी समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों का कक्षा एक में नामांकन लेना होगा। यह महत्वपूर्ण निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) संकेत रंजन ने निजी स्कूलों के संचालकों को जारी किया है।
निर्देशों का पालन न करने पर कार्रवाई:
DEO ने सख्त लहजे में कहा कि RTE के तहत निजी स्कूलों को निर्धारित सीटों पर 25 प्रतिशत बच्चों का नामांकन लेना अनिवार्य है, लेकिन विभागीय निर्देश के अनुसार अब कम से कम प्रत्येक स्कूल को अपने पोषक क्षेत्र (Feeder Area) के 10-10 बच्चों का नामांकन करना होगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी निजी स्कूलों के संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि वे 10-10 बच्चों का नामांकन नहीं लेते हैं तो पंजीयन रद्द किया जा सकता है और स्कूल पर आर्थिक दंड के साथ-साथ नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी।
आवेदन की अंतिम तिथि 25 जनवरी:
DEO ने स्कूलों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि वे अनिवार्य रूप से अपने पोषक क्षेत्र के बच्चों को RTE के तहत ज्ञानदीप पोर्टल पर आवेदन कराएँ। पोर्टल पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 जनवरी निर्धारित की गई है।
सिर्फ 289 स्कूलों ने भरा ब्योरा:
DEO ने खेद व्यक्त करते हुए बताया कि जिले में 1129 निजी स्कूल पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से मात्र 289 स्कूलों ने ही अभी तक ज्ञानदीप पोर्टल पर निर्धारित सीटों का विवरण (Details) भरा है। यदि 1129 पंजीकृत निजी स्कूल 10-10 बच्चों का नामांकन लेते हैं तो 11,290 अलाभार्थी समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों का कल्याण हो पाएगा।
स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे ज्ञानदीप पोर्टल पर अपने यहाँ अध्ययनरत सामान्य बच्चों का आँकड़ा भी प्रस्तुत करें।
यह खबर शिक्षा के अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन और कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
30 Nov 2025
Read27 Nov 2025
Read27 Nov 2025
Read26 Nov 2025
Read26 Nov 2025
Read26 Nov 2025
Read25 Nov 2025
Read23 Nov 2025
Read23 Nov 2025
Read23 Nov 2025
Read23 Nov 2025
Read22 Nov 2025
Read27 Nov 2025
Read26 Nov 2025
Read26 Nov 2025
Read26 Nov 2025
Read25 Nov 2025
Read23 Nov 2025
Read23 Nov 2025
Read23 Nov 2025
Read23 Nov 2025
Read22 Nov 2025
Read30 Nov 2025
Read27 Nov 2025
Read27 Nov 2025
Read